"सरस पायस" पर सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत है!

Sunday, January 01, 2012

सरस पायस की नई कार : Zen Estilo VXI

नए साल पर सुहाने सफ़र के लिए तैयार है!
कल सबसे पहले मैं इसे लेकर माँ पूर्णागिरि के दरबार में गया!

साथ में सरस पायस की माँ भी गईं!

वहाँ मेरे मामा जी से मुलाकात हुई, जो मेरे पीछे बैठे हैं!

रास्ते में शारदा नदी का मनमोहक दृश्य देखा!

शोभा (सरस पायस की माँ) ने भी मेरा एक फ़ोटो लिया!
सरस पायस की कार को अभी उसकी प्रतीक्षा है!
यह प्रतीक्षा जल्दी पूरी होगी!
इस आशा में

♥♥ रावेंद्रकुमार रवि ♥♥

5 comments:

Kailash Sharma ने कहा…

बधाई....आप को सपरिवार नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

purnima ने कहा…

all pics are vry beautiful & congratulation !!!!!!! & happy new year !!!!!!]

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" ने कहा…

नव वर्ष की शुभकामनाएं स्वीकार करें .

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

नववर्ष की मंगलकामनाओं के साथ,
नई सफेद जेन स्टिलो कार की बहुत-बहुत बधाई हो!

भावना ने कहा…

अरे वाह बधाई.......पूर्णागिरी मैया आपका नया साल सुखद करे

Related Posts with Thumbnails

"सरस पायस" पर प्रकाशित रचनाएँ ई-मेल द्वारा पढ़ने के लिए

नीचे बने आयत में अपना ई-मेल पता भरकर

Subscribe पर क्लिक् कीजिए

प्रेषक : FeedBurner

नियमावली : कोई भी भेज सकता है, "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ रचनाएँ!

"सरस पायस" के अनुरूप बनाने के लिए प्रकाशनार्थ स्वीकृत रचनाओं में आवश्यक संपादन किया जा सकता है। रचना का शीर्षक भी बदला जा सकता है। ये परिवर्तन समूह : "आओ, मन का गीत रचें" के माध्यम से भी किए जाते हैं!

प्रकाशित/प्रकाश्य रचना की सूचना अविलंब संबंधित ईमेल पते पर भेज दी जाती है।

मानक वर्तनी का ध्यान रखकर यूनिकोड लिपि (देवनागरी) में टंकित, पूर्णत: मौलिक, स्वसृजित, अप्रकाशित, अप्रसारित, संबंधित फ़ोटो/चित्रयुक्त व अन्यत्र विचाराधीन नहीं रचनाओं को प्रकाशन में प्राथमिकता दी जाती है।

रचनाकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ भेजी गई रचना को प्रकाशन से पूर्व या पश्चात अपने ब्लॉग पर प्रकाशित न करें और अन्यत्र कहीं भी प्रकाशित न करवाएँ! अन्यथा की स्थिति में रचना का प्रकाशन रोका जा सकता है और प्रकाशित रचना को हटाया जा सकता है!

पूर्व प्रकाशित रचनाएँ पसंद आने पर ही मँगाई जाती हैं!

"सरस पायस" बच्चों के लिए अंतरजाल पर प्रकाशित पूर्णत: अव्यावसायिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। इस पर रचना प्रकाशन के लिए कोई धनराशि ली या दी नहीं जाती है।

अन्य किसी भी बात के लिए सीधे "सरस पायस" के संपादक से संपर्क किया जा सकता है।

आवृत्ति