नियमावली : कोई भी भेज सकता है, "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ रचनाएँ!
"सरस पायस" के अनुरूप बनाने के लिए प्रकाशनार्थ स्वीकृत रचनाओं में आवश्यक संपादन किया जा सकता है। रचना का शीर्षक भी बदला जा सकता है। ये परिवर्तन समूह : "आओ, मन का गीत रचें" के माध्यम से भी किए जाते हैं!
प्रकाशित/प्रकाश्य रचना की सूचना अविलंब संबंधित ईमेल पते पर भेज दी जाती है।
मानक वर्तनी का ध्यान रखकर यूनिकोड लिपि (देवनागरी) में टंकित, पूर्णत: मौलिक, स्वसृजित, अप्रकाशित, अप्रसारित, संबंधित फ़ोटो/चित्रयुक्त व अन्यत्र विचाराधीन नहीं रचनाओं को प्रकाशन में प्राथमिकता दी जाती है।
रचनाकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ भेजी गई रचना को प्रकाशन से पूर्व या पश्चात अपने ब्लॉग पर प्रकाशित न करें और अन्यत्र कहीं भी प्रकाशित न करवाएँ! अन्यथा की स्थिति में रचना का प्रकाशन रोका जा सकता है और प्रकाशित रचना को हटाया जा सकता है!
पूर्व प्रकाशित रचनाएँ पसंद आने पर ही मँगाई जाती हैं!
"सरस पायस" बच्चों के लिए अंतरजाल पर प्रकाशित पूर्णत: अव्यावसायिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। इस पर रचना प्रकाशन के लिए कोई धनराशि ली या दी नहीं जाती है।
अन्य किसी भी बात के लिए सीधे "सरस पायस" के संपादक से संपर्क किया जा सकता है।
आवृत्ति
-
▼
2011
(83)
- ► December 2011 (3)
- ► November 2011 (3)
- ► October 2011 (2)
-
►
June 2011
(15)
- मेघ बजे : बाबा नागार्जुन का एक लोकप्रिय बालगीत
- बहुत मज़े में : वंशिका की रंजना के साथ रवि का शिशु...
- उसको क्यों खा जाते हो? : निरंकारदेव सेवक की शिशुकव...
- चिड़िया रानी नहा रही है : रावेंद्रकुमार रवि का नया...
- नहीं गलेगी तेरी दाल : सुधीर सक्सेना सुधि की बालकवि...
- चकमक में सजी राज कुमारी की दो कविताएँ
- कोई युक्ति सुझाओ : डॉ. नागेश पांडेय संजय की शिशुकव...
- वेबकैम की शान निराली : सरस चर्चा (३६)
- ऐसी खुशी मिली मुझको : रावेंद्रकुमार रवि की नई बालक...
- देखो, मैं कितना गोरा हूँ : पहेली का हल
- गाजर और टमाटर : मेहुल कपाड़िया की शिशुकविता
- देखो, मैं कितना गोरा हूँ : क्या मुझको पहचाना?
- हरा-भरा रहे अपना जहाँ ...... : सरस चर्चा (३५)
- अपना रूप निखार के : रावेंद्रकुमार रवि का नया शिशुग...
- ताज़ पहनवाकर सुंदर-सा लविज़ा को जितवाना है
-
►
May 2011
(10)
- वंशिका माथुर की मनभावन रंजनाएँ
- वह ख़ुश होकर गाने लगी : सरस चर्चा (३४)
- कमल खिल रहा : रावेंद्रकुमार रवि का नया बालगीत
- टर्र-टर्र-टूँ-टर-टर-टर : रावेंद्रकुमार रवि का नया ...
- हुआ प्यार से : रावेंद्रकुमार रवि की नई शिशुकविता
- बढ़िया बहुत पसीना : रावेंद्रकुमार रवि का एक बालगीत...
- मैं अपनी मम्मा से बहुत प्यार करती हूँ : सरस चर्चा ...
- बस थोड़ा-सा पढ़ने दो : डॉ. मोहम्मद अरशद ख़ान का बा...
- प्यारी माँ की गोद में - रावेंद्रकुमार रवि की बालकव...
- मीठी-मीठी बात : रावेंद्रकुमार रवि की शिशुकविता
- ► April 2011 (4)
- ► March 2011 (7)
- ► February 2011 (16)
- ► January 2011 (16)
-
►
2010
(136)
- ► December 2010 (7)
- ► November 2010 (14)
- ► October 2010 (15)
- ► September 2010 (15)
- ► August 2010 (14)
- ► April 2010 (6)
- ► March 2010 (7)
- ► February 2010 (9)
- ► January 2010 (7)
-
►
2009
(4)
- ► December 2009 (3)
- ► November 2009 (1)









11 comments:
बहुत सुन्दर और रचनात्मक प्रयास!
चन्दा विश्वास को आशीर्वाद!
कमाल इस बच्ची की हाथ की कलाकारी का, जितनी तारीफ़ की जाये वो कम है।
बहुत खुबसूरत....चन्दा विश्वास को मेरी तरफ से बहुत बधाई....
बहुत-बहुत-बहुत ही सुन्दर!!! दीदी कैसे बनाया आपने इसे मुझे भी सिखाइये न प्लीज़...........
बहुत सुंदर बनाया है.....
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।
वाह बहुत सुन्दर....
चन्दा को बधाई और शुभकामनाएं...
बहुत खुबसूरत.......वाह .....
अरे वाह !
हमारे स्कूल के पीछे एक जंगल हुआ करता था.. और ये पेड़ वहां खूब सारे थे... हम भी कभी कभी स्कूल के बाद वहाँ पर ये बनाया करते थे...
Hi I really liked your blog.
I own a website. Which is a global platform for all the artists, whether they are poets, writers, or painters etc.
We publish the best Content, under the writers name.
I really liked the quality of your content. and we would love to publish your content as well. All of your content would be published under your name, so that you can get all the credit for the content. This is totally free of cost, and all the copy rights will remain with you. For better understanding,
You can Check the Hindi Corner, literature and editorial section of our website and the content shared by different writers and poets. Kindly Reply if you are intersted in it.
http://www.catchmypost.com
and kindly reply on mypost@catchmypost.com
चन्दा को तो बारम्बार बधाई है ही, इसे प्रस्तुत करने के लिये रावेन्द्र जी भी बधाई के पात्र हैं
एक टिप्पणी भेजें