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बुधवार, मार्च 09, 2011

अँखियों में बस जाते हैं : सरस चर्चा (३१)

इस बार महाशिवरात्रि (२ मार्च) पर चैतन्य ने 
भगवान शंकर की उपासना ॐ नमः शिवाय में रंग भरकर की! 


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (८ मार्च) को चिन्मयी ने 
एक सुंदर-सा कार्ड देकर अपनी मम्मा को गुलाब-जैसी ख़ुशी दी!


पाखी ने भी इस कलाकारी से 
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएँ दीं!


"मन का आँगन है महका" 
इस गीत के माध्यम से डॉ. रूपचंद्र शास्त्री मयंक ने 
अपने पौत्र प्रांजल को उसके जन्म-दिवस पर बधाई दी!


डॉ. नागेश पांडेय संजय के शिशुगीत "ब्रेकफास्ट" को 
नन्ही परी इशिता ने अपने मोहक अंदाज़ में प्रस्तुत किया है! 


अनुष्का ने भरतनाट्यम् नृत्य सीखना शुरू कर दिया है!


अब "बच्चों का कोना" पर लगी यह कविता पढ़कर देखते हैं!

बस्ता वैसे तो भारी है, 
पर कंधे भी मज़बूत हमारे! 
करें इरादा गर पक्का हम, 
सपने पूरे कर सकते सारे!



रिमझिम द्वारा मज़े-मज़े में बनाया गया 
भारतीय दूल्हा-दुल्हन का यह चित्र कितना सुंदर है!



नन्हे-मुन्ने पर डॉ. मोनिका शर्मा के 
शरारती बंदर की उछल-कूद भी देख लीजिए!



अंत में "सरस पायस" पर पढ़िए मेरा यह गीत! 
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मन-मंदिर में रहते हैं वे 
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भोले बाबा ने भोली-सी 
बात कही है कानों में! 
वे बसते हैं नन्हे-मुन्ने 
बच्चों की मुस्कानों में! 


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रावेंद्रकुमार रवि 
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9 टिप्‍पणियां:

Coral ने कहा…

aapki kavita aur charcha dono sundar hai ...chinmayee ko sammallit karne ke liye shukriya ....
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भारतीय दूल्हा-दुल्हन
http://rimjhim2010.blogspot.com/2011/03/blog-post_09.html

JAGDISH BALI ने कहा…

Child is the father of mankind.

Kailash C Sharma ने कहा…

सुन्दर चर्चा...आपकी कविता बहुत खूबसूरत है..बच्चों का कोना चर्चा में शामिल करने के लिये धन्यवाद...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

सरस चर्चा 31 बहुत अच्छी लग रही है!
बहुत मेहनत करते हैं आप चर्चा को लगाने में!

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लगी बच्चो की चर्चा जी धन्यवाद

शुभम जैन ने कहा…

bahut bhayi ye charcha...

ishita ko shamil karne ke liye dhanywaad.

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सुंदर सरस चर्चा ...चैतन्य को शामिल करने का आभार ...

अनुष्का 'ईवा' ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा ....धन्यवाद मामासाब

चैतन्य शर्मा ने कहा…

अच्छी चर्चा रवि अंकल ... मुझे शामिल करने के लिए धन्यवाद ....

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