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शुक्रवार, मई 07, 2010

ख़ुशी : यश तिवारी की अँगरेज़ी कविता का हिंदी भावानुवाद



ख़ुशी



जब मैं भूल जाता हूँ -
अपनी क़िताब!
कोई समस्या नहीं होती,
क्योंकि मैं इसे साझा कर लेता हूँ!

लेकिन एक दिन
यदि मैं भूल जाता हूँ -
अपना बस्ता!
तब क्या होता है?

मैं बाहर खड़ा हो जाता हूँ!
कोई समस्या नहीं होती,
क्योंकि मेरे पास हैं दो पैर
खड़े होने के लिए!

यदि मैं पैसे भूल जाता हूँ,
तो चीज़ें नहीं खरीद पाता हूँ,
पर कोई समस्या नहीं होती!

यदि मैं बल्ला भूल जाता हूँ,
तो खेल नहीं पाता हूँ,
पर कोई समस्या नहीं होती!

लेकिन ... ... .
यदि मैं भूल गया -
कभी अपनी ख़ुशी,
तो क्या होगा?

बताने के लिए -
कोई उत्तर नहीं है!

My Photo

मूल अँगरेज़ी रचना : यश तिवारी
--------------------------------------
हिंदी भावानुवाद : रावेंद्रकुमार रवि

21 टिप्‍पणियां:

महफूज़ अली ने कहा…

Very Good....

M VERMA ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव का भावानुवाद

sangeeta swarup ने कहा…

बहुत खूबसूरती से किया है भावानुवाद ....भाव तो बेहतरीन हैं ही..

रानी पात्रिक ने कहा…

भावों की अबोधिता ने मन को छू लिया..बहुत खूब।

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

सुन्दर…

nilesh mathur ने कहा…

यश जी, बहुत ही सुन्दर कविता लिखी है, शुभकामना!

निर्मला कपिला ने कहा…

बच्चे के मन के भाव बहुत सुन्दर है शिक्षा प्रद कविता के लिये यश को बधाई

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

इस पोस्ट को चर्चा मंच पर

"आज ख़ुशी का दिन फिर आया"

के रूप में सजाया गया है!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

यश तिवारी!
की प्रतिभा को देखकर आश्चर्यचकित हूँ!
बड़ा होकर यह महान साहित्यकार बने!
यही कामना है!

माधव ने कहा…

भावों की अबोधिता ने मन को छू लिया..बहुत खूब।

माधव ने कहा…

चर्चा मंच पर माधव को जगह देने के लिए धन्यवाद

माधव ने कहा…

Happy Mother Day

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

Shri"helping nature" ने कहा…

shandar khushi sbse anmol haiiiiiiiiiiii

आनन्द वर्धन ओझा ने कहा…

नन्हें यश तिवारी की अंग्रेजी कविता देखकर मन मुदित हुआ था और उसके ब्लॉग पर मैं आशीर्वाद लिख आया था ! उस कविता का भावानुवाद ब्लॉग पर रखकर आपने न सिर्फ यश का उत्साह-वर्धन किया है, बल्कि बहुत बड़े वर्ग तक उसके कोमल मनोभावों को पहुंचाया भी है !
साधुवाद !!
आनंद व्. ओझा.

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

यश की कविता का बहुत सुन्दर अनुवाद किया है रवि जी आपने. आभार.

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर कविता जी, बहुत पसंद आई.
धन्यवाद

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

वाह बहुत सुंदर भावार्थ.

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

चिट्ठाजगत पर इस समय
"सरस पायस" का
सक्रियता क्रमांक : 102 है!

आदेश कुमार पंकज ने कहा…

बहुत सुंदर
मातृ दिवस के अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें और मेरी ओर से देश की सभी माताओं को सादर प्रणाम |

sidheshwer ने कहा…

अच्छी कविता अच्छे विचार !
और अच्छा अनुवाद
बधाई !

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