गुरुवार, जनवरी 14, 2010
एक चील जो चाँद पे अंडे देती थी ... ... . : सुशील शुक्ल की एक ताज़ा बालकविता
शनिवार, जनवरी 09, 2010
रंग-रँगीली : कृष्णकुमार यादव की एक बालकविता
7 comments:
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संगीता पुरी ने कहा… - बहुत प्यारा बालगीत लिखा है ।
- April 7, 2009 10:54 AM
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा… - सुबह-सुबह ही चिड़िया रानी, आंगन में आ जाती है। इधर-उधर बिखरे चावल के, दाने सब खा जाती है। फुर्र से उड़ जाती यह, जब हम करते कुछ मक्कारी। चिड़िया रानी, मुझको और, भैया को लगती है प्यारी।
- April 7, 2009 1:26 PM
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JHAROKHA ने कहा… - आँगन में बिखरे दानों को फुदक-फुदककर खाती है! अगर पकड़ने दौड़ो उसको झट से वह उड़ जाती है! रावेन्द्र जी , बहुत अच्छा बालगीत है कृष्ण कुमार जी का ..उन्हें मेरी बधाई पहुंचाएं.
- April 11, 2009 11:47 PM
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अरविंद राज ने कहा… - chidiya hamesha se hi bachchoo ke liye aakarshan ka kendra rahi hai. Iski sundar baton ki sundar prastuti hui hai Saras Payas Par. Achcha Laga!
- April 19, 2009 4:38 PM
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अरविंद राज ने कहा… - chidiya hamesha se bachchon aur kaviyon ke beech vartalaap ka ek shaahakt madhyam rahi hai. Is kadi mein prastut balgeet ek bahut hi SARAS prayas hai. Badhai
- April 19, 2009 4:47 PM
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डॉ. देशबंधु शाहजहाँपुरी ने कहा… - जितनी सुन्दर चिडिया रानी !उससे सुन्दर उसकी कहानी !! बधाई यादव जी !
- April 22, 2009 11:34 PM
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irdgird ने कहा… - कविता पढ़कर बचपन और चिडि़या याद आई। पहले घर में चिडि़या और उसके घोंसले दिखाई पड़ते थे लेकिन अब चहचहाट सुननी हो तो आबादी से कहीं दूर जाना पड़ता है। कंक्रीट के जंगलों में अब उनके बसेरे कहां।
- April 23, 2009 4:50 PM
रविवार, जनवरी 03, 2010
शुभकामनाएँ : जिन्होंने खिला दी ओंठों पर मधु-मुस्कान
दिन का उजाला शाम बनके आए!
शुक्रवार, जनवरी 01, 2010
महके हृदय तुम्हारा : रावेंद्रकुमार रवि की मन महकाती कविता

नए वर्ष की
नई सुबह में
फूटी रवि की
नव किरणों-से
चमकें स्वप्न तुम्हारे!
होकर फिर साकार
करें जीवन उजियारा,
ख़ुशियों की सुगंध से
महके हृदय तुम्हारा!
रावेंद्रकुमार रवि
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चारुबेटा,
खटीमा, ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड (भारत) - 262 308.
- ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…
- हार्दिक शुभकामनाऍं। जाकिर अली रजनीश
- January 1, 2009 10:34 AM

- sushil ने कहा…
- kamaal hai! WONDERFULL. NAYE SAAL MAIN..... KHWABON KA AIK AIK DANA AKURAYE HAR PAUDHE PAR JEEVAN GUCHCHHE GUCHCHHE AAYE SURAJ CHAND NADI PAHAD JAISE SABKE HAIN VAISE HI HAR SHAY HAREK KE HISSE AAYE.
- January 1, 2009 3:19 PM

- Arvind ने कहा…
- नए वर्ष की प्रथम भोर इतनी सरस होगी, सोचा न था। "सरस पायस" का प्रवेशांक रुचिकर लगा। यह प्रयास लोकप्रिय हो और प्रगति के पथ पर आगे बढ़े ... जाल पर अपना संजाल बुने ... इन्हीं शुभकामनाओं के साथ - - अरविंद "राज"
- January 1, 2009 5:24 PM
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डॉ. रूपचंद्र शास्त्री "मयंक" ने कहा…
- सुख का सूरज उगे गगन में, दु:ख का बादल छँट जाए। हर्ष हिलोरें ले जीवन में, मन की कुंठा मिट जाए। चरैवेति के मूल मंत्र को अपनाओ निज जीवन में - झंझावातों के काँटे पगडंडी पर से हट जाएँ।
- January 2, 2009 2:49 PM
PD ने कहा…
- are vaah.. badhiya blog banaya hai.. aapak dhanyavaad jo aapne apne blog ka link mujhe mail kiya.. aur han, nav varsh mangal may ho.. :)
- January 3, 2009 10:58 PM
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KK Yadav ने कहा…
- बेहद सुन्दर.मुबारक हो !!
- January 11, 2009 6:41 PM

- नरेंद्र कुमार ने कहा…
- आज मैंने तुम्हारा सरस पायस देख ही लिया। बहुत अच्छे ढंग से व्यवस्थित किया है। रंगों का संयोजन तो और भी अधिक सुंदर है। बधाई!
- January 12, 2009 10:16 PM
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सहज साहित्य ने कहा…
- भाई रावेन्द्र रवि जी नमस्कार ! आपका ब्लॉग देखा । आपने बहुत अच्छा काम किया है । बच्चों की कदम-कदम पर घोर उपेक्षा है । आपका यह कार्य नाम के अनुरूप ही है ।एन बीटी में आपकी पुस्तक मैंने देखी थी ।इस तरह की पुस्तकों की नितान्त आवश्यकता है ।विषय वह कठिन है ,जिसमें बच्चे की रुचि नहीं है॥ रोचक बनाना एक कला है और वह कलाकार है शिक्षक ।मैंने40 वर्ष के शिक्षण और 14-15 साल प्राचार्य के रूप में यही जाना है कि तथाकथित खराब बच्चों को अच्छा बनाया जा सकता है ;यदि प्राचार्य और शिक्षक मिलकर टीम की तरह काम करें । आप डटे रहिए ।एक दिन आप नई ऊँचाई प्राप्त करेंगे । ब्लॉगर में आपका ई मेल सही से नहीं आ रहा है ।प्रतिक्रिया के लिए तो उसी में ऑप्शन है । www.kavitakosh.org तथा www.patang-ki-udan.blogspot.comपर मेरी बाल कविताएँ यूनिकोड में है ।जो आपको लेनी हों वहाँ से भी ले सकते है । पायस का लिंक मैं अपने ब्लॉगर पर भी दे रहा हूँ । आपकी सफलता की कामaन के सा रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' rdkamboj@gmail.com mobile- 09313727493
- February 13, 2009 1:07 PM
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