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रविवार, जनवरी 03, 2010

शुभकामनाएँ : जिन्होंने खिला दी ओंठों पर मधु-मुस्कान

ओंठों पर मुस्कान खिलाती शुभकामनाएँ
प्रस्तुतकर्त्ता - रावेंद्रकुमार रवि

मुझे कई बच्चों के शुभकामना-पत्र मिले!   
आप भी देखिए इनकी कुछ झलकियाँ!
 
 बुलबुल की चोंच में अंगूर का गुच्छा,
नया साल मुबारक़ हो - यही हार्दिक इच्छा!

सूरज निकलता है - धरती का शृंगार बनके,
नया साल मुबारक़ हो - फूलों का हार बनके!

आपकी हर रात चाँद बनके आए, 
दिन का उजाला शाम बनके आए! 
कभी दूर न हो आपके चेहरे की हँसी,
नया साल ऐसा मेहमान बनके आए!

आलू बड़े-बड़े - गोभी सड़े-सड़े,
नया साल मुबारक़ हो - रजाई में पड़े-पड़े!

फूल हैं, चंदन है - रिश्तों का बंधन है, 
नए वर्ष पर आपका - हार्दिक अभिनंदन है!

जहाँ की हर ख़ुशी - हँसी माँगे आपसे, 
बाग़ का हर फूल - ख़ुशबू माँगे आपसे! 
आपकी ज़िंदगी में हो - इतनी रोशनी कि 
हर बिजलीवाला - कनेक्शन माँगे आपसे!

क्या कोई एस.एम.एस. या ई-मेल इनकी बराबरी कर सकता है?
बीच-बीच में लिखी पंक्तियाँ : रवि व सुमन के सौजन्य से

15 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

समय लगा कर बनाए गये
यह कार्ड (नव-वर्ष के बधाईपत्र)
आपके लिए बहुमूल्य उपहार हैं।
बाजार में मिलने वाले
कीमती कार्डों से
इनकी तुलना नही की जा सकती।
यह गुरू के प्रति अपार शिष्यों की
अगाध श्रद्धा को परिलक्षित करते हैं।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

एक से एक प्यार भरा बधाई पत्र...बढ़िया प्रस्तुति..आभार!!!

राज भाटिय़ा ने कहा…

मधु को हमारा भी सलाम, अजी यह कार्ड नही यह तो इन बच्चो का प्यार है, बहुत सुंदर लगे सभी प्यारे प्यारे कार्ड

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

सारे बच्चों को ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत अच्छा लगा!!



’सकारात्मक सोच के साथ हिन्दी एवं हिन्दी चिट्ठाकारी के प्रचार एवं प्रसार में योगदान दें.’

-त्रुटियों की तरफ ध्यान दिलाना जरुरी है किन्तु प्रोत्साहन उससे भी अधिक जरुरी है.

नोबल पुरुस्कार विजेता एन्टोने फ्रान्स का कहना था कि '९०% सीख प्रोत्साहान देता है.'

कृपया सह-चिट्ठाकारों को प्रोत्साहित करने में न हिचकिचायें.

-सादर,
समीर लाल ’समीर’

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

बहुत सुन्दर शुभकामनायें हैं.

sidheshwer ने कहा…

मेरी समझ से ब्लागिंग मल्टीमीडिया का एक माध्यम है - एक प्रतुति कला और विज्ञान भी। इस पोस्ट को मैं अपनी बात के बराबर एक उदाहरण के रूप में रखना चाहूँगा।

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

"इन शुभ-कामनाओं ने होठों पर ही मुस्कान नहीं
बल्कि ह्दय भी पुलक और विस्मय से भर दिया।
सचमुच बच्चे ज्यादा कल्पनाशील व सक्रिय होते हैं!"
--
गिरिजा कुलश्रेष्ठ
मोहल्ला - कोटा वाला, खारे कुएँ के पास,
ग्वालियर, मध्य प्रदेश (भारत)
--
मेल द्वारा प्रेषित संदेश

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत सुन्दर शुभकामनायें हैं.

संजय भास्कर ने कहा…

dhanyawaad ravender ji mere blog par aane ke liye.....
aasha hai aap u hi mera hosla badate rahenge,....

निर्मला कपिला ने कहा…

बच्चों की तरफ से बहुत सुन्दर शुभकामनायें हैं इनकी अहमियत आर्ची के कार्द से कहीं अधिक है । ये अनमोल खजाना आपको मुबारक हो। नये साल की शुभकामनायें

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

आप सब
सुधी टिप्पणीकारों की
शुभकामनाएँ भी
अनमोल हैं
मेरे लिए!

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

... बहुत सुन्दर प्रस्तुति, सभी को हार्दिक शुभकामनाएं !!!

Ravindra Ravi ने कहा…

क्या कहु रावेन्द्रजी शब्द ही नही सुझ रहे. आज पहली बार आपके ब्लोग पार आय हु. देरी के लिये मुझे मुआफ करे!

Padm Singh ने कहा…

Ravendr Ji ko mera namaskaar ... mere net par blogspot ki koi site nahi khulti is liye aap ka blog nahi dekh paata hun... kuchh log ise meri dhrishtata samjhenge .. par sach hai... aaj mai CAFE par se aapki site dekh raha hun aur bahut aanandit hun... aapka bahut aabhaar itnee pyari site ko sanchaalit karne ke liye

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