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गुरुवार, जुलाई 29, 2010

गुनगुन करती आई गुनगुन : सरस चर्चा ( 7 )

इस बार की सरस चर्चा में
हम सबसे पहले बात करते हैं,
सपनों में खोई इस नन्ही रूपाली की!
पहचानने की कोशिश कीजिए!
कौन हो सकती है, यह? ♥ + ♥


अब यह देखिए -
इस रूपाली को कौन सुना रहा है,
एक सरस सुरीला गीत? ♥ + ♥


गीत सुनानेवाली ने एक प्यारा-सा चित्र भी बनाया है!
चित्र में वह अपनी इस सुंदर बहना को झूला झुला रही है!
अब भी नहीं पहचाना?
अरे, यह तो अपनी रँगीली चुलबुल के घर आई सुरीली गुनगुन है! ♥ + ♥


अब मिलते हैं, इगा से,
जो तीन साल के बाद ब्लॉगिंग की दुनिया में वापस आई है!
देखो न, कितनी बड़ी हो गई है - ♥ + ♥


उसकी तरफ से उसके पापा उसके ब्लॉग पर लिखते हैं!
इगा आजकल हिंदी सीख रही है!
तीन साल पहले वह क्या करती थी?
आप भी देख लीजिए - ♥ + ♥


अरे, इगा तो कुछ-कुछ लविज़ा-जैसी लगती थी!
-- --
लविज़ा से भी मिल ही लेते हैं!
पता करके देखिए, आजकल वह कहाँ-कहाँ की सैर कर रही है? ♥ + ♥


इस सप्ताह एक बहुत ख़ास दिन भी आया,
जब इशिता ने अपनी माँ को "प्यार है" बोला! ♥ + ♥


क्या आप इस जगह को पहचानते हैं?
अगर यहाँ बारिश भी हो रही हो,
तो यहाँ घूमने में कितना मज़ा आएगा!


यह है : लोनावला की ख़ूबसूरत पहाड़ियों की दोस्ती!
वहाँ की बारिश में इस दोस्ती को देखकर,
देखिए, इशिता कितनी ख़ुश है!
आप भी ख़ुश हो जाइए - ♥ + ♥


और अब देखिए, इन कन्हइया को!
इसकी इस मधुर मुस्कान पर भला कौन नहीं रीझेगा?
बीमारी में भी मुस्कराना, तो कोई इससे सीखे!
शुभकामना है : माधव जल्दी से स्वस्थ हो जाए! ♥ + ♥


बैंकॉक में मस्त आदित्य ने डरना छोड़ दिया है!
आप भी देखिए, इसने किसकी मूँछ पकड़ रखी है! ♥ + ♥


भारत के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में ख़ूब बारिश हो रही है!
चलिए, वहाँ चलकर पाखी की मस्ती भी देख लेते हैं! ♥ + ♥


पाखी द्वारा बनाए गए चित्र तो आप पहले भी देख चुके होंगे!
नन्हा मन पर प्रकाशित उसका एक और नया चित्रांकन देखिए!
देखिए, शायद आप भी गुनगुना उठें, इसे देखकर! ♥ + ♥


आदित्य और अक्षिता के बाद अब अक्षयांशी ने भी छायांकन शुरू कर दिया है!
यह रहा उसके द्वारा खींचा गया एक फ़ोटो - ♥ + ♥


चलते-चलते "सरस पायस" पर प्रकाशित गुलज़ार की
एक अनूठी कविता भी पढ़ लीजिए : चलते-चलते! ♥ + ♥


अगले सप्ताह फिर मिलेंगे!
किसी भी दिन, किसी भी समय!
तब तक के लिए शुभविदा!

रावेंद्रकुमार रवि


10 टिप्‍पणियां:

शुभम जैन ने कहा…

अरे वाह आज तो कई नए बच्चो से मुलाकात हो गयी...नन्ही रुपाली सहित सभी बच्चो को ढेरो आशीर्वाद और प्यार...

माधव ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा की है . नए दोस्तों से मिल कर अच्छा लगा .

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सरस चर्चा ...

मनोज कुमार ने कहा…

सार्थक शब्दों के साथ अच्छी चर्चा, अभिनंदन।

ishita ने कहा…

अरे वाह अंकल मेरी इतनी सारी फोटो लगाई आपने...आपका बहुत बहुत शुक्रिया...इतनी सुन्दर चर्चा के लिए आभार...

rashmi ने कहा…

गुनगुन के लिए आप सबो के आशीर्वचनो हेतु आभारी हू....
रवि जी कि कविताये विशेष रूप से छु गयी...मन को.....

रंजन ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा.. आभार..

राजभाषा हिंदी ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

Akanksha~आकांक्षा ने कहा…

बच्चों की अलबेली दुनिया..शानदार चर्चा...'पाखी की दुनिया' और 'नन्हा मन' पर प्रकाशित उसका एक और नया चित्रांकन की चर्चा के लिए आभार. अब चर्चा में 'बाल-दुनिया' को भी जोड़ लें ...

sada ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति, आभार ।

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