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रविवार, जुलाई 04, 2010

ख़ुशियों की बारात हो रही : सरस चर्चा ( 3 )



इंडिया गेट पर कौओं ने मुझे इतना दौड़ाया कि मैं तो थक गया!


माधव




"कहते हैं बैलून बनाया, पर लगता है फूल बनाया!" - कौन?


आदित्य




अब लेते हैं : कीचड़ फेंकनेवाले ज्वालामुखी की जानकारी : अक्षिता से!






मान जाओ, नहीं तो ... ... .!




फूफा-फूफी की 25वीं सालगिरह की ख़ुशी!

Laviza @ India Gate







आओ, देखें चलकर! चुलबुल के ब्लॉग पर यह क्या बेचा जा रहा है?




मैं तो बारिश में भी विद्यालय जाती हूँ : इशिता!






गरज रहे हैं, काले बादल बरस रहे हैं!




अंत में पढ़ते हैं, काबुलीवाला की कहानी की
याद दिलाती रश्मि प्रभा जी की कविता!


खिलौनेवाला घर




अगले रविवार को नहीं मिलेंगे!

15 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया लगी चर्चा बच्चों की.

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

वाह बाल-गोपालों की दुनिया...

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बाल चर्चा बढ़िया रही

शुभम जैन ने कहा…

मनभावन चर्चा...

माधव ने कहा…

very exlusive description

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

माधव जी की टिप्पणी का भावानुवाद --

बहुत अनूठी चर्चा
very exlusive description

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लगी जी यह बच्चो की महफ़िल, धन्यवाद

शुभम जैन ने कहा…

areee agle ravivar ko kyo nahi milege...

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

शुभम जैन जी की टिप्पणी का लिप्यांतरण --

अरेSSS अगले रविवार को क्यों नहीं मिलेंगे ...
areee agle ravivar ko kyo nahi milege...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

सरस पायस पर सरस पायस की सबसे पहले चर्चा!
--
बहुत सुन्दर रही सरस चर्चा -3 !

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बच्चों के ब्लॉग की अनोखी चर्चा ...

Archana ने कहा…

सुबह-सुबह ,सरस-पायस पर सरस चर्चा.............सुखद अनुभव...

Akshita (Pakhi) ने कहा…

खूबसूरत चर्चा. सभी से एक जगह ही मुलाकात हो गई.

●๋• लविज़ा | Laviza ●๋• ने कहा…

बहुत मनभावन चर्चा... पर अंकल अगले रविवार क्यूँ नहीं मिलेंगे... ??

रंजन ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा... मेरी मनपसंद..

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