"सरस पायस" पर सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत है!

शुक्रवार, जुलाई 23, 2010

क्या बात है मेरे लाल : सरस चर्चा ( 6 )

आज की इस चर्चा में अधिक तो नहीं दे पा रहा हूँ!
पर जो भी दे रहा हूँ, उसे सरस करने की पूरी कोशिश की है!


आजकल सबसे अधिक चर्चा में है : पाखी!
कोई उसके लिए कविता लिख रहा है!
कोई उसकी दुनिया के लिए सुंदर हैडर बनाकर दे रहा है!
उसे श्रेष्ठ नन्ही ब्लॉगर का सम्मान भी मिल चुका है!
लैपटॉप उसे मिल ही चुका है!
और अब ... ... .
अब तो पाखी ने छायांकन भी शुरू कर दिया है!
पाखी ने अपनी माँ की बहुत सुंदर तस्वीर खींची है!
अब तो श्रेष्ठ छायाकार का ख़िताब भी उससे दूर नहीं रह गया!
पाखी की माँ का जन्म-दिन भी निकट है!
उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपनी माँ को क्या उपहार दे!
आप भी उसकी मदद कर सकते हैं! ♥ + ♥


इशिता की किट्टी की चमक भी कुछ कम नहीं है!
देखो न, कितनी गोरी-चिट्टी है!
इस किट्टी की पिट्टी करने का तो मन ही नहीं करता,
क्योंकि यह कोई भी गड़बड़ी नहीं करती!
यह किट्टी तो मिट्टी में भी नहीं खेलती!
इसे देखकर तो किसी की सिट्टी-पिट्टी भी गुम नहीं होती!
यह इशिता को बहुत ख़ुश रखती है!
इशिता भी इसे ख़ुश रखने के लिए अच्छी-अच्छी कविताएँ सुनाती है!
एक कविता तो आप भी सुन ही लीजिए! ♥ + ♥


आदित्य की तो हर अदा निराली है!
इनके ब्लॉग को भी श्रेष्ठता का दर्ज़ा पहले से ही हासिल है!
इनके माता-पिता इनसे प्रेरणा लेकर पता नहीं क्या-क्या करते हैं!
इस प्रेरणा से फिर वे सबको अच्छा करने के लिए प्रेरित करते हैं!
एक बहुत बढ़िया बात हुई है!
आदि की मोहक अदाओं ने किसी को कवि भी बना दिया है!
कवि बननेवाले और कोई नहीं, उनके पापा ही हैं!
आदि की लहराती जुल्फों को देखकर उन्होंने बहुत अच्छी कविता रची है!
चलिए, इस कविता को हम सब भी पढ़ते हैं! ♥ + ♥


माधव भी अपने ब्लॉग से हमेशा कुछ न कुछ अच्छा संदेश देते हैं!
पल्स पोलियो अभियान में इनकी सक्रिय भूमिका रही!
पर्यावरण-दिवस पर भी इन्होंने बहुत अच्छा कार्य किया!
इनकी अदाएँ भी कम मन-मोहनी नहीं होतीं!
इनकी टिप्पणियाँ भी बहुत महत्त्वपूर्ण होती हैं!
ये हम सबको दिल्ली की सैर तो कराते ही रहते हैं!
इस बार ये हमें प्रगति मैदान के मोहक नज़ारे दिखा रहे हैं!
हमें भी वहाँ चलना चाहिए! ♥ + ♥


"सरस पायस" पर शुरू से ही नन्हे दोस्तों के आकर्षक फ़ोटो जगमगाते रहे हैं!
अब तो "सरस पायस" के भी सुंदर-सुंदर फ़ोटो यहाँ सजने लगे हैं!
उनकी सफलताओं के बारे में पिछले सप्ताह आप सब जान ही चुके हैं!
मेरी बहुत-सी रचनाएँ "सरस पायस" से ही प्रेरणा पाकर रची गई हैं!
उनके चाचा अरविंद राज ने भी उनके लिए एक गीत रचा था!
उस समय "सरस पायस" मात्र डेढ़ साल के थे!
चलिए, हम सब भी पढ़ते हैं, यह मधुर गीत! ♥ + ♥


रावेंद्रकुमार रवि

6 टिप्‍पणियां:

रंजन ने कहा…

मेरा तो इसे पढकर रिविजन हो जाता है... ये सब वो ब्लॉगस है जो मैं जरुर जरुर पढाता हूं..

जेठ की दुपहरी में
पेड़ की शीतल छांव है ये..:)

शुभम जैन ने कहा…

आज की चर्चा तो बहुत ही सरस है...ऐसी सुन्दर चर्चा के लिए आभार...

Akshita (Pakhi) ने कहा…

प्यारी-प्यारी चर्चा...मेरे ब्लॉग की न्यारी चर्चा के लिए आपको ढेर सारा प्यार व आभार !!

माधव ने कहा…

माधव की चर्चा के लिए धन्यवाद

दर्शन लाल बवेजा ने कहा…

सुंदर बच्चों का सुंदर सा ब्लॉग ...अच्छा लगा

ज्योति सिंह ने कहा…

बच्चो की फ़ुलवारी मनमोहक लगी ,सुन्दर पोस्ट .

Related Posts with Thumbnails

"सरस पायस" पर प्रकाशित रचनाएँ ई-मेल द्वारा पढ़ने के लिए

नीचे बने आयत में अपना ई-मेल पता भरकर

Subscribe पर क्लिक् कीजिए

प्रेषक : FeedBurner

नियमावली : कोई भी भेज सकता है, "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ रचनाएँ!

"सरस पायस" के अनुरूप बनाने के लिए प्रकाशनार्थ स्वीकृत रचनाओं में आवश्यक संपादन किया जा सकता है। रचना का शीर्षक भी बदला जा सकता है। ये परिवर्तन समूह : "आओ, मन का गीत रचें" के माध्यम से भी किए जाते हैं!

प्रकाशित/प्रकाश्य रचना की सूचना अविलंब संबंधित ईमेल पते पर भेज दी जाती है।

मानक वर्तनी का ध्यान रखकर यूनिकोड लिपि (देवनागरी) में टंकित, पूर्णत: मौलिक, स्वसृजित, अप्रकाशित, अप्रसारित, संबंधित फ़ोटो/चित्रयुक्त व अन्यत्र विचाराधीन नहीं रचनाओं को प्रकाशन में प्राथमिकता दी जाती है।

रचनाकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ भेजी गई रचना को प्रकाशन से पूर्व या पश्चात अपने ब्लॉग पर प्रकाशित न करें और अन्यत्र कहीं भी प्रकाशित न करवाएँ! अन्यथा की स्थिति में रचना का प्रकाशन रोका जा सकता है और प्रकाशित रचना को हटाया जा सकता है!

पूर्व प्रकाशित रचनाएँ पसंद आने पर ही मँगाई जाती हैं!

"सरस पायस" बच्चों के लिए अंतरजाल पर प्रकाशित पूर्णत: अव्यावसायिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। इस पर रचना प्रकाशन के लिए कोई धनराशि ली या दी नहीं जाती है।

अन्य किसी भी बात के लिए सीधे "सरस पायस" के संपादक से संपर्क किया जा सकता है।

आवृत्ति