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मंगलवार, मार्च 09, 2010

क्या मुझसे डर जाती हो : चंदन कुमार झा का पहला शिशुगीत

क्या मुझसे डर जाती हो?
चिड़िया रानी, चिड़िया रानी,
मुझे सुनाओ अपनी बानी!

जब मैं तुमको पास बुलाता,
दूर
चली क्यों जाती हो?
मैं तो हूँ छोटा-सा बच्चा,
क्या मुझसे डर जाती हो?

आओ, तुम्हें पिला दूँ पानी!
चिड़िया रानी, चिड़िया रानी,
मुझे सुनाओ अपनी बानी!

बिना थके तुम उड़ती फिरतीं,
इधर
नहीं क्यों आती हो?
मेरे साथ खेलकर गाओ,
उधर
कहाँ तुम जाती हो?

सुनो, सुनाऊँ तुम्हें कहानी!
चिड़िया रानी, चिड़िया रानी,
मुझे
सुनाओ अपनी बानी!

चंदन कुमार झा

11 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर बालगीत है।
चंदन कुमार झा को बधाई!

सरस पायस के सम्पादक
रावेंद्रकुमार रवि को धन्यवाद!

चिड़िया रानी चिड़िया रानी,
उड़ती हो नभ में मनमानी।
फुदक-फुदक दुम हिला-हिला कर,
दिखलाती हो चाल सुहानी।।

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

बहुत सुंदर पंक्तियाँ रची हैं, मयंक जी!
आपका तो कोई विकल्प ही नहीं!
इसी छंद पर दो पद रच देना
आपके बाएँ हाथ का खेल है!
ऐसा कर दें,
तो मुझे "सरस पायस" पर
उसे सजाने में अपार हर्ष होगा!

sangeeta swarup ने कहा…

छंदबद्ध और लयबद्ध सुन्दर बालगीत , अजय जी को बहुत बहुत बधाई

चिड़िया रानी चिड़िया रानी
पास मेरे तुम आ जाओ न
मेरे संग खेलो, गाओ न
मुझको तुम लगती बड़ी भली
एक बार बस तुम आओ ना.
चिड़िया रानी चिड़िया रानी

रावेद्र जी को धन्यवाद .

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर कविता

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

संगीता जी,
अजय जी नहीं, चंदन जी!

DEEPAK SHARMA KAPRUWAN ने कहा…

बहुत बहुत ही सुन्दर रचना है आपकी और वह भी शिशु गीत ...

sangeeta swarup ने कहा…

ओह ..माफ़ कीजियेगा....पता नहीं ये नाम कहाँ से आया...?

चन्दन जी , को बहुत बहुत बधाई

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत अच्छी कविता।

अजय झा ने कहा…

वाकई चंदन जी
अच्‍छी बाल कविता है।
बधाई हो आपको

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

मेल द्वारा प्राप्त संदेश --

पहला ही गीत इतना बढिया...बधाई!
--
गिरिजा कुलश्रेष्ठ
ग्वालियर, मध्य प्रदेश (भारत)

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