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गुरुवार, मार्च 11, 2010

सावधानी में ही समझदारी है : राहुल सिंह की एक बाल-चित्रकथा


सावधानी में ही समझदारी है


क्या हुआ?
पढ़ने में परेशानी हो रही है?
ज़रा एक बार चित्रकथा के किसी भी स्थान पर
क्लिक् करके तो देखिए।
अब आप इसे अपने कंप्यूटर में सहेज सकते हैं
और
डेस्कटॉप पर सजाकर भी
पढ़ने और पढ़ाने का आनंद ले सकते हैं।


-- राहुल सिंह --




7 comments:


अनिल कान्त : ने कहा…

बिल्कुल सही कहा ....सावधानी में ही समझदारी है ... मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति


डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

रावेंद्रकुमार रवि जी! सावधान रहना अच्छा है, सबको है हितकारी। सौ की एक बात है भैया, अच्छी सोच समझदारी। अच्छे केरी-केचर को प्रकाशित करने के लिए धन्यवाद। राहुल सिंह जी को भी मेरी शुभकामनाएँ प्रेषित कर दें।


संगीता पुरी ने कहा…

हमें सावधान तो रहना ही चाहिए...महा शिव रात्रि की बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं..


हरि ने कहा…

सुंदर चित्रकथा। बधाई।


रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

"रसगुल्ला : रावेंद्रकुमार रवि की एक बालकहानी" पर टिप्पणी के साथ creativekona के भाई हेमंत कुमार ने लिखा है - चित्र कथा भी अच्छी है, लेकिन उसके शब्द स्पष्ट नहीं हैं. शायद चित्र को ज्यादा इनलार्ज करने से ऐसा हुआ है. हेमंत भाई एक "चट्का" दीजिए इस चित्रकथा के! कहीं पर भी! फिर देखिए, क्या होता है!


कमलेश जोशी ने कहा…

सरस पायस पर ऐसी चित्रकथा का नियमित प्रकाशन होना ही चाहिए ! मैं इसका स्वागत करता हूँ !


अरविंद राज ने कहा…

चित्र कथा वाला प्रयोग अच्छा है बच्चों की रूचि इस ब्लॉग के प्रति उत्पन्न होगी चित्रकथा को नियमित रूप से प्रकाशित करें अब ये ब्लॉग बाल साहित्य की कसौटी पर खरा उतरने दिशा में बढ़ रहा है स्वागत है

8 टिप्‍पणियां:

Dr. shyam gupta ने कहा…

---अच्छी सार्थक,सन्देशपूर्ण बाल चित्रकथा ।

चंदन कुमार झा ने कहा…

सावधानी हटी
दुर्घटना घटी ।

बहुत ही प्रेरक और अच्छी बाल चित्रकथा ।

राज भाटिय़ा ने कहा…

सच कहा जी

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत-बहुत धन्यवाद

डॉ टी एस दराल ने कहा…

अच्छा सन्देश। सावधानी तो बरतनी ही चाहिए ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

मनोरंजक एवं शिक्षाप्रद!

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया संदेशात्मक कथा.

sangeeta swarup ने कहा…

बहुत बढ़िया चित्र कथा....प्रेरणादायक ..

ऐसी चित्र कथाओं का आगे भी इंतज़ार रहेगा.

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