"सरस पायस" पर सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत है!

शनिवार, अप्रैल 02, 2011

जीत गई लविज़ा : क्रिकेट विश्व कप २०११ हुआ हमारा



क्रिकेट विश्व कप २०११ हुआ हमारा!
Laviza Akbar

"इस बार का क्रिकेट विश्व कप तो लविज़ा ही जीतेगी!" 
मैंने तो पहले ही कह दिया था! 
धमाकेदार ख़बर यह है कि 
इस बार का क्रिकेट विश्व कप लविज़ा ही जीतेगी!

LavizaLavizaLaviza

लविज़ा जीत ही गई!
---------------------------------
सबको बधाई! 
---------------------------------
रावेंद्रकुमार रवि 

6 टिप्‍पणियां:

प्रतुल वशिष्ठ ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई भाई.

मनोज कुमार ने कहा…

बधाइयां! हम इस ऐतिहासिक क्षणों के गवाह बने!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

देखिए आखिर जीत ही लिया लविजा ने क्रिकेट विश्वकप 2011 ।
--
टीम इण्डिया ने 28 साल बाद क्रिकेट विश्व कप जीतनें का सपना साकार किया है।
एक प्रबुद्ध पाठक के नाते आपको, समस्त भारतवासियों और भारतीय क्रिकेट टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।

चैतन्य शर्मा ने कहा…

बहुत बहुत बधाई .....पूरे देश को ...बधाई

Saba Akbar ने कहा…

बहुत बहुत बधाई !!

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई

Related Posts with Thumbnails

"सरस पायस" पर प्रकाशित रचनाएँ ई-मेल द्वारा पढ़ने के लिए

नीचे बने आयत में अपना ई-मेल पता भरकर

Subscribe पर क्लिक् कीजिए

प्रेषक : FeedBurner

नियमावली : कोई भी भेज सकता है, "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ रचनाएँ!

"सरस पायस" के अनुरूप बनाने के लिए प्रकाशनार्थ स्वीकृत रचनाओं में आवश्यक संपादन किया जा सकता है। रचना का शीर्षक भी बदला जा सकता है। ये परिवर्तन समूह : "आओ, मन का गीत रचें" के माध्यम से भी किए जाते हैं!

प्रकाशित/प्रकाश्य रचना की सूचना अविलंब संबंधित ईमेल पते पर भेज दी जाती है।

मानक वर्तनी का ध्यान रखकर यूनिकोड लिपि (देवनागरी) में टंकित, पूर्णत: मौलिक, स्वसृजित, अप्रकाशित, अप्रसारित, संबंधित फ़ोटो/चित्रयुक्त व अन्यत्र विचाराधीन नहीं रचनाओं को प्रकाशन में प्राथमिकता दी जाती है।

रचनाकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ भेजी गई रचना को प्रकाशन से पूर्व या पश्चात अपने ब्लॉग पर प्रकाशित न करें और अन्यत्र कहीं भी प्रकाशित न करवाएँ! अन्यथा की स्थिति में रचना का प्रकाशन रोका जा सकता है और प्रकाशित रचना को हटाया जा सकता है!

पूर्व प्रकाशित रचनाएँ पसंद आने पर ही मँगाई जाती हैं!

"सरस पायस" बच्चों के लिए अंतरजाल पर प्रकाशित पूर्णत: अव्यावसायिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। इस पर रचना प्रकाशन के लिए कोई धनराशि ली या दी नहीं जाती है।

अन्य किसी भी बात के लिए सीधे "सरस पायस" के संपादक से संपर्क किया जा सकता है।