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सोमवार, जून 21, 2010

पूछताछ : रमेशचंद्र शाह की एक बालकविता



चित्र को स्पष्ट रूप से देखने के लिए चित्र पर क्लिक् कीजिए!

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चकमक से साभार : तापोशी घोषाल के बनाए चित्र के साथ रमेशचंद्र शाह की कविता
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8 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

यह रचना तो बहुत सुन्दर है!
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इसमें रचनाकार ने प्रश्न संयोजन बहुत बढ़िया सजाया है!

आदेश कुमार पंकज ने कहा…

बहुत सुंदर कविता
रचनाकार को बहुत - बहुत बधाई

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

सुन्दर रचना और चित्र भी बहुत सुन्दर है

माधव( Madhav) ने कहा…

सुंदर कविता

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

वाह सुन्दर कविता, सुन्दर चित्र के साथ.

हर्षिता ने कहा…

वाह सुन्दर चित्र के साथ सुन्दर कविता प्रस्तुत की है आपने।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी सुन्दर पोस्ट की चर्चा यहाँ भी है!
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http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/06/3.html

पूनम श्रीवास्तव ने कहा…

प्रकृति और जीवों को माध्यम बना कर बालमनमें उठने वाली जिज्ञासाओं का सुन्दर चित्रण है इस बाल गीत में। सुन्दर प्रस्तुति।

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