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सोमवार, सितंबर 19, 2011

परियों के पंखों पर : रावेंद्रकुमार रवि का नया शिशुगीत

परियों के पंखों पर


बदली से रंग ले-लेकर,
ख़ुशियों को संग ले-लेकर,
परियों के पंखों पर मैं चित्र बनाऊँगी!


जो मेरे साथ नाचेंगे,
जो मेरे साथ गाएँगे,
कोयल के उन चूज़ों को मित्र बनाऊँगी!


जो मेरे साथ झूमेंगे,
जो मेरे साथ घूमेंगे,
ख़ुशबू के उन फूलों से इत्र बनाऊँगी!

रावेंद्रकुमार रवि

(सर्जन : 15.10.2010)

9 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना!
कल रविवार के चर्चा मंच पर भी इसकी चर्चा लगाई गयी है!

Chaitanyaa Sharma ने कहा…

बहुत प्यारा गीत और प्यारे फोटोस

रुनझुन ने कहा…

वाह! बहुत-बहुत प्यारी कविता...

रेखा ने कहा…

बहुत प्यारे- प्यारे फोटो .....

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत प्यारा बाल गीत..

Mrityunjay Kumar Rai ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत प्यारी रचना!सुन्दर चित्र....

पूनम श्रीवास्तव ने कहा…

ravendra ji
WAH-WAH --- bahut hi pyaari lagi aapki post .bahut dino baad aapke blog par aai hun xhama chahti hun.
bahut bahut badhai
poonam

daftar sbobet asia ने कहा…

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