"सरस पायस" पर सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत है!

शनिवार, दिसंबर 24, 2011

तोतेजी : अनिल रस्तोगी की एक शिशुकविता

तोतेजी


दिन-भर टें-टें-टें-टें करते,
हरे परों के तोतेजी!
खा जाते हैं ढेरों मिर्चे,
ज़रा न रोते तोते जी!

अनिल रस्तोगी
(एक फूल, जो असमय ही मुरझा गया!)
(पुण्य तिथि : 24.12.1986)

6 टिप्‍पणियां:

Vandana Ramasingh ने कहा…

सुन्दर बाल कविता

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

Pyara bal-geet..achha laga padhna.


आप सभी को क्रिसमस की बधाई ...हो सकता है सेंटा उपहार लेकर आपके घर भी पहुँच जाये, सो तैयार रहिएगा !!

Entertaining Game Channel ने कहा…

This is Very very nice article. Everyone should read. Thanks for sharing. Don't miss WORLD'S BEST Train Games

Bhavik Rathod ने कहा…

Nice Article

Order Best Cakes Online ने कहा…

This Article is truly very helpful. Cake Delivery Online

daftar sbobet asia ने कहा…

Deposit Sbobet Bola Sakuku
Daftar Slot Joker
Deposit IDN Poker Dana 10rb
Daftar IDN Poker Shopeepay
Daftar IDN Poker Tanpa Rekening
Agen Club388
Daftar Club388 Sakuku
Situs IBCBET

Related Posts with Thumbnails

"सरस पायस" पर प्रकाशित रचनाएँ ई-मेल द्वारा पढ़ने के लिए

नीचे बने आयत में अपना ई-मेल पता भरकर

Subscribe पर क्लिक् कीजिए

प्रेषक : FeedBurner

नियमावली : कोई भी भेज सकता है, "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ रचनाएँ!

"सरस पायस" के अनुरूप बनाने के लिए प्रकाशनार्थ स्वीकृत रचनाओं में आवश्यक संपादन किया जा सकता है। रचना का शीर्षक भी बदला जा सकता है। ये परिवर्तन समूह : "आओ, मन का गीत रचें" के माध्यम से भी किए जाते हैं!

प्रकाशित/प्रकाश्य रचना की सूचना अविलंब संबंधित ईमेल पते पर भेज दी जाती है।

मानक वर्तनी का ध्यान रखकर यूनिकोड लिपि (देवनागरी) में टंकित, पूर्णत: मौलिक, स्वसृजित, अप्रकाशित, अप्रसारित, संबंधित फ़ोटो/चित्रयुक्त व अन्यत्र विचाराधीन नहीं रचनाओं को प्रकाशन में प्राथमिकता दी जाती है।

रचनाकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ भेजी गई रचना को प्रकाशन से पूर्व या पश्चात अपने ब्लॉग पर प्रकाशित न करें और अन्यत्र कहीं भी प्रकाशित न करवाएँ! अन्यथा की स्थिति में रचना का प्रकाशन रोका जा सकता है और प्रकाशित रचना को हटाया जा सकता है!

पूर्व प्रकाशित रचनाएँ पसंद आने पर ही मँगाई जाती हैं!

"सरस पायस" बच्चों के लिए अंतरजाल पर प्रकाशित पूर्णत: अव्यावसायिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। इस पर रचना प्रकाशन के लिए कोई धनराशि ली या दी नहीं जाती है।

अन्य किसी भी बात के लिए सीधे "सरस पायस" के संपादक से संपर्क किया जा सकता है।