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सोमवार, अगस्त 23, 2010

मैंने चित्र बनाए सुंदर : रिमझिम की नन्ही उँगलियों का जादू

इस बार यहाँ तो पूरे सावन-भर बरखा की झड़ी लगी रही!
अब भी ख़ूब रिमझिम-रिमझिम बरसात हो रही है!


ऐसे में मुझे छतरी लगाकर अपनी बिल्ली के साथ घूमती
एक नन्ही दोस्त मिल गई!


इस दोस्त का पूरा नाम चिन्मयी इंद्रनील भट्टाचार्जी है!


चिन्मयी को सब प्यार से रिमझिम कहकर बुलाते हैं!


मुझे भी उसका यह नाम बहुत पसंद है!


और पसंद हैं, उसके द्वारा बनाए गए ये सुंदर चित्र!


भारत में रिमझिम का घर महाराष्ट्र के अमरावती जनपद में है!


इस समय वह मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में रहती है!


वह सीनियर किंडर गार्टन की छात्रा है!


रिमझिम को अपनी चित्रकारी के लिए कई पुरस्कार भी मिले हैं!


चित्रकारी के साथ-साथ रिमझिम नृत्य भी बहुत बढ़िया करती है!


रिमझिम स्वयं भी किसी कलाकृति से कम नहीं है!

कन्हैया बनी हूँ मैं

चित्रकारी व नृत्य के अतिरिक्त रिमझिम को
छायांकन, मिट्टी से खिलौने बनाना और कार्टून देखना पसंद है!
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5 टिप्‍पणियां:

माधव ने कहा…

सुन्दर चित्र , प्रयासरत रहे

Coral ने कहा…

धन्यवाद रविजी ....

Chinmayee ने कहा…

धन्यवाद रवि अंकल .... आपके ब्लॉग पर मेरा परिचय देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है ......

राज भाटिय़ा ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति। आभार

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

रक्षा बंधन पर हार्दिक शुभकामनाएँ.

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