"सरस पायस" पर सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत है!

मंगलवार, अगस्त 17, 2010

अक्षिता "पाखी" द्वारा बनाए गए कुछ नए-नवेले चित्र

♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥
अंतरजाल पर स्थित चिट्ठाजगत में फुदकनेवाली
सबसे प्यारी चिड़िया अक्षिता "पाखी" को
कौन नहीं जानता?
♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥
♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥

उसने "सरस पायस" के लिए
अपने द्वारा बनाए गए कुछ अनोखे चित्र भेजे थे!

बहुत कोशिश करने पर भी
इस बार मैं उसके चित्रों पर कोई गीत नहीं रच पाया!


वैसे भी उसके चित्रों में एक नहीं, दो नहीं,
कई-कई कविताएँ छुपी होती हैं!


आवश्यकता है, तो एक ऐसी नज़र की,
जो उसके चित्रों में इन कविताओं की पंक्तियाँ खोज सके!


देखिए, आप भी देखिए, पाखी द्वारा बनाए गए
ये चित्र, जिनमें एक अनोखी मौलिकता नज़र आती है!


हो सकता है, आपको ही मिल जाएँ
इन चित्रों में छुपी गुनगुन करती कविताएँ या सुरीले गीत!

♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥
♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥
♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥
♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥
पाखी का बनाया एक यह चित्र भी देख लेते हैं,
जो बहुत ख़ास है, क्योंकि इसे बनाकर उसने उपहार में दिया था,
अपने पापा को, उनके जन्म-दिन पर!
♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥
♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥♥♥♥ ♥♥

13 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

खूबसूरत चित्र ...

माधव ने कहा…

सुन्दर चित्र

Akanksha Yadav ने कहा…

वाह, बड़ी सुन्दरता से अपने इन चित्रों को पोस्ट किया है..अतिसुन्दर.

Akanksha Yadav ने कहा…

आपने जिक्र किया था कि पाखी के चित्र और उन पर लिखा आपका गीत किसी पत्रिका में प्रकाशित होकर आ रहे हैं .....पर फिर कोई सूचना नहीं.

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

कागजी मासिक पत्रिका है! प्रतीक्षा तो करनी ही होगी!

Coral ने कहा…

बहुत सुन्दर चित्र है इन्हें देखकर चिन्मयी के बचपन के चित्रों की याद आती है .... बहुत सुन्दर पाखी

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर चित्र, धन्यवाद.. आप लोग अपने बच्चो को अग्रेजी जरुर सीखाये, लेकिन आम भाषा हिन्दी रखे, आपस मै हिन्दी मै बोले , घर मै मित्रो मै तभी हम हिन्दी को आगे ला सकेगे,जेसे बच्ची ने अपने कार्ड ओअर पापा को जन्म दिन की शुभकामनाये दी है, अगर हिन्दी मै लिखती तो ओर भी अच्छा लगता, बच्चेआभी छोटे है जेसा हम इन्हे बनायेगे वेसा ही यह बनेगे. धन्यवाद

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

भाटिया जी का कहना बिल्कुल सही है!

राजभाषा हिंदी ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति!

हिन्दी हमारे देश और भाषा की प्रभावशाली विरासत है।

Akshita (Pakhi) ने कहा…

अले ये तो मेरी ड्राइंग है...अच्छा लगा यहाँ इसे देखकर. रवि अंकल जी को ढेरों प्यार व आभार.

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

प्याली-प्याली पाखी के लिए भी मेली तलफ छे ढेल छाला प्याल!

Bhanwar Singh ने कहा…

पाखी के चित्र तो सदैव से सुन्दर लगते हैं...शुभकामनायें.

Bhanwar Singh ने कहा…

रक्षाबंधन-पर्व की शुभकामनायें.

Related Posts with Thumbnails

"सरस पायस" पर प्रकाशित रचनाएँ ई-मेल द्वारा पढ़ने के लिए

नीचे बने आयत में अपना ई-मेल पता भरकर

Subscribe पर क्लिक् कीजिए

प्रेषक : FeedBurner

नियमावली : कोई भी भेज सकता है, "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ रचनाएँ!

"सरस पायस" के अनुरूप बनाने के लिए प्रकाशनार्थ स्वीकृत रचनाओं में आवश्यक संपादन किया जा सकता है। रचना का शीर्षक भी बदला जा सकता है। ये परिवर्तन समूह : "आओ, मन का गीत रचें" के माध्यम से भी किए जाते हैं!

प्रकाशित/प्रकाश्य रचना की सूचना अविलंब संबंधित ईमेल पते पर भेज दी जाती है।

मानक वर्तनी का ध्यान रखकर यूनिकोड लिपि (देवनागरी) में टंकित, पूर्णत: मौलिक, स्वसृजित, अप्रकाशित, अप्रसारित, संबंधित फ़ोटो/चित्रयुक्त व अन्यत्र विचाराधीन नहीं रचनाओं को प्रकाशन में प्राथमिकता दी जाती है।

रचनाकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ भेजी गई रचना को प्रकाशन से पूर्व या पश्चात अपने ब्लॉग पर प्रकाशित न करें और अन्यत्र कहीं भी प्रकाशित न करवाएँ! अन्यथा की स्थिति में रचना का प्रकाशन रोका जा सकता है और प्रकाशित रचना को हटाया जा सकता है!

पूर्व प्रकाशित रचनाएँ पसंद आने पर ही मँगाई जाती हैं!

"सरस पायस" बच्चों के लिए अंतरजाल पर प्रकाशित पूर्णत: अव्यावसायिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। इस पर रचना प्रकाशन के लिए कोई धनराशि ली या दी नहीं जाती है।

अन्य किसी भी बात के लिए सीधे "सरस पायस" के संपादक से संपर्क किया जा सकता है।

आवृत्ति