"सरस पायस" पर सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत है!

गुरुवार, मई 19, 2011

मैं अपनी मम्मा से बहुत प्यार करती हूँ : सरस चर्चा (३३)

आज सबसे पहले देखते हैं रिमझिम द्वारा बनाया गया यह चित्र! 
इसे विशेष रूप से उसने अपनी प्यारी माँ के लिए बनाया है! 
क्योंकि वह अपनी मम्मा से बहुत प्यार करती है! 


और अब देखिए चैतन्य द्वारा दिखाया गया माँ का यह प्यार! 
अपने प्यारे बच्चे के लिए! 


और अब आदित्य की मस्ती, स्कूल के स्वीमिंग पूल में! 


मिलने और बिछुड़ने के बीच अनुष्का कुछ समझ नहीं पा रही है! 
फिलहाल ख़ुश है अपने दोस्तों के साथ!


आदित्य साहू अपने जन्म-दिन की तस्वीरें कुछ देर से दिखा पा रहा है!


अब पता करते हैं कि

सूरज को गुस्सा क्यों आता, 
क्यों इतनी गर्मी दिखलाता!


कुहू ने तो गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होते ही बहुत कुछ कर डाला है! 
आप भी देखिए कुहू की प्यारी दुनिया और शुरू हो जाइए!


नन्हे सुमन इस बार लाए हैं एक प्यारी-सी कविता!


पेड़ों पर लीची हैं झूली।
बगिया में अमिया भी फूली।। 



इक प्यारी-सी कविता लिखी है! 
पाखी की नन्ही-प्यारी बहना तन्वी के लिए! 


नन्ही सी है तन्वी प्यारी,
करती है अब शैतानी!
कभी नाचती, कभी कूदती,
कभी खेलती है पानी!



. ... ... और लविज़ा ... ... . 
लविज़ा तो छुट्टियों में भी पढ़ाई कर रही है! 
यह देखकर आपको कैसा लग रहा है? 

Laviza
----------------------------------------------------------
♥♥ रावेंद्रकुमार रवि ♥♥
----------------------------------------------------------

15 टिप्‍पणियां:

Deepak Saini ने कहा…

अच्छे फोटो है सभी

Udan Tashtari ने कहा…

प्यारे प्यारे बच्चों के प्यारे प्यारे समाचार और तस्वीरें देखकर मन खुश हो गया.

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर वाल कविता, ओर सुंदर सुंदर चित्र...

Patali-The-Village ने कहा…

बच्चों की दुनियां के बहुत सुन्दर चित्र | धन्यवाद|

बाल-मंदिर ने कहा…

वाह ! क्या सुन्दर चर्चा ... फोटो तो एक से बढ़कर एक ...

ताती ताती एक चपाती
http://baal-mandir.blogspot.com

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा ....

चैतन्य शर्मा ने कहा…

सभी दोस्तों के ब्लोग्स की प्यारी चर्चा..... मुझे शामिल करने का आभार

Coral ने कहा…

धन्यवाद रविजी सुन्दर चर्चा और चिन्मयी को सम्मलित करने के लिए....
क्यूट तन्वी पर बाल कविता बहुत सुन्दर है

धन्यवाद

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

बहुत ही बढ़िया प्रस्तुति ... आपने सभी नन्हे ब्लॉगर को साथ में लाके बहुत अच्छा काम किया है ...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

सरस चर्चा!
बहुत बढ़िया!
अब आप अकेले ही हैं
जो बच्चों के नाम से
चल रहे ब्लॉगों की चर्चा करते हैं!
मगर फिर भी कुछ लोग सरस पायस को
पूरी तरह से बच्चों का ब्लॉग
स्वीकार करने में हिचकिचाते हैं!

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

मगर फिर भी कुछ लोग सरस पायस को
पूरी तरह से बच्चों का ब्लॉग
स्वीकार करने में हिचकिचाते हैं!

--
आदरणीय शास्त्री जी!
जब तक ऐसे कुछ लोगों का नाम न दिया जाए,
यह सब सार्वजनिक रूप से लिखने का
कोई महत्त्व नहीं!

Kailash C Sharma ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Kailash C Sharma ने कहा…

बच्चों के ब्लोग्स से सम्बंधित जानकारी एक ही जगह लाने का प्रयास निश्चय ही सराहनीय है..सभी प्रस्तुतियाँ और फोटो बहुत सुन्दर..आभार

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत सुंदर वाल कविता, ओर सुंदर चित्रों के साथ सुन्दर चर्चा .... धन्यवाद…

Kashvi Kaneri ने कहा…

सभी चित्र और चर्चा बहुत प्यारे हैं मुझे भी इसमें शामिल किया इसके के लिये बहुत –बहुत धन्यवाद

Related Posts with Thumbnails

"सरस पायस" पर प्रकाशित रचनाएँ ई-मेल द्वारा पढ़ने के लिए

नीचे बने आयत में अपना ई-मेल पता भरकर

Subscribe पर क्लिक् कीजिए

प्रेषक : FeedBurner

नियमावली : कोई भी भेज सकता है, "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ रचनाएँ!

"सरस पायस" के अनुरूप बनाने के लिए प्रकाशनार्थ स्वीकृत रचनाओं में आवश्यक संपादन किया जा सकता है। रचना का शीर्षक भी बदला जा सकता है। ये परिवर्तन समूह : "आओ, मन का गीत रचें" के माध्यम से भी किए जाते हैं!

प्रकाशित/प्रकाश्य रचना की सूचना अविलंब संबंधित ईमेल पते पर भेज दी जाती है।

मानक वर्तनी का ध्यान रखकर यूनिकोड लिपि (देवनागरी) में टंकित, पूर्णत: मौलिक, स्वसृजित, अप्रकाशित, अप्रसारित, संबंधित फ़ोटो/चित्रयुक्त व अन्यत्र विचाराधीन नहीं रचनाओं को प्रकाशन में प्राथमिकता दी जाती है।

रचनाकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे "सरस पायस" पर प्रकाशनार्थ भेजी गई रचना को प्रकाशन से पूर्व या पश्चात अपने ब्लॉग पर प्रकाशित न करें और अन्यत्र कहीं भी प्रकाशित न करवाएँ! अन्यथा की स्थिति में रचना का प्रकाशन रोका जा सकता है और प्रकाशित रचना को हटाया जा सकता है!

पूर्व प्रकाशित रचनाएँ पसंद आने पर ही मँगाई जाती हैं!

"सरस पायस" बच्चों के लिए अंतरजाल पर प्रकाशित पूर्णत: अव्यावसायिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। इस पर रचना प्रकाशन के लिए कोई धनराशि ली या दी नहीं जाती है।

अन्य किसी भी बात के लिए सीधे "सरस पायस" के संपादक से संपर्क किया जा सकता है।

आवृत्ति