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रविवार, जून 27, 2010

चलो, प्यार से हम मुस्कराएँ : सरस चर्चा ( 2 )



ओह, आज पता चला कि
नन्हे आदित्य की तबियत ठीक नहीं चल रही!
हम सब मिलकर प्रार्थना करते हैं कि
वह बहुत जल्दी ठीक हो जाए!
हम सबके साथ खिलखिलाकर हँसे और प्यार से मुस्कराए!




कान्हा की बातें एकदम नए अंदाज़ में!






अरे! यह तो पाखी का नया हवाई जहाज लग रहा है!






आदित्य : मेरे मुँह का नाप ले लीजिए, ताकि ... ... .!




लविज़ा आपको दिखा रही है -
मेट्रो ट्रेन के कुछ मस्ती-भरे नज़ारे!

LavizaLaviza





यह कैसी पूछताछ है?






इस बार देसी घी की इमरतियों की दावत है!




इन्हें पहचाना आपने?






नभ में कैसे दमक रहा है! चंदा मामा चमक रहा है!




अंत में देखते हैं : चुलबुल के द्वारा बनाया गया यह चित्र!


चुलबुली




अगले रविवार को फिर मिलेंगे! तब तक के लिए शुभविदा!

6 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

नन्ही चुलबुली बड़ी होकर जरूर एक अच्छी चित्रकार बनेंगी.... बहुत सुन्दर चित्र बनाया है...

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा...

शुभम जैन ने कहा…

अरे वाह निराले अंदाज में एक निराली चर्चा...और नन्ही परी को शामिल करना तो एक surprise जैसा रहा...बहुत आभार आपका...
जल्द ही अपनी शैतानिया बताती है ईशिता....

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत ही सुंदर जी

Akshita (Pakhi) ने कहा…

बहुत खूब अंकल जी..शानदार चर्चा. मेरा जहाज तो बहुत प्यारा है. पापा को भी बताउंगी.

_______________________
'पाखी की दुनिया' में 'कीचड़ फेंकने वाले ज्वालामुखी' जरुर देखें !

KK Yadava ने कहा…

अरे! यह तो पाखी का नया हवाई जहाज लग रहा है!....

बड़ा मजेदार है..शानदार चर्चा..बधाई.

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