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3 टिप्पणियां:
बहुत ही मजेदार कविता..... फोटो भी बहुत ही प्यारी लगाई है... .
हा हा हा ...बहुत मज़ेदार
अनुष्का
प्रदीप की कविता पढ़कर दोहरी ख़ुशी हुई . पहली इसलिए कि कविता जबरदस्त है और दूसरी इसलिए कि वे मेरे विद्यार्थी भी रहे हैं . आप उनका फोटो न छापते तो शायद मैं नहीं जान पाता . ... रहिमन अति सुख होत है बढ़त देख निज गोत . मेरी शुभकामनायें .
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