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मंगलवार, सितंबर 21, 2010

मन को भाने नए दोस्तों का दिन आया : सरस चर्चा (14)

आइए शुरू करते हैं -
इस बार की सरस चर्चा, एक सरस सुहानी से!
--
ज़रा सुनिए तो -
यह नन्ही-प्यारी गुड़िया क्या कह रही है?
--
यह कह रही है -
मेरी प्यारी मम्माँ, आप बहुत अच्छी हो!


इस नन्ही दोस्त का नाम है - अनुष्का!
प्यार से सब इसे "ईवा" कहते हैं!
यह दिखा रही है - हम सबको अपनी पहली मुस्कान!


अनुष्का अब इतनी नन्ही भी नहीं है!
थोड़ी-सी बड़ी हो गई है!
तीन साल की इस अनुष्का की मुस्कान भी कम मनमोहक नहीं है!


सेन डिएगो में इतनी बड़ी व्हेल मछली
शामू को देखकर अनुष्का को बहुत आश्चर्य हुआ!
वहाँ उसने पेंग्विन और डॉल्फिन मछलियों का प्रदर्शन भी देखा!
क्या आप नहीं देखेंगे?


यह देखिए, आदित्य थाईलैंड, बैंकॉक, सुखुमवित सोई २० पर स्थित
रेस्टोरेंट "सरस" में कैसे गपागप जलेबियाँ उड़ा रहा है -



माधव को भी भूख लगी है!
वह माँ के सुंदर हाथों से बनी स्वादिष्ट पाव-भाजी खाना चाहता है,
पर पापा हैं कि पोज़ पर पोज़ लिए जा रहे हैं!


और यह शुभम् की सुंदर मुस्कान क्या कह रही है,
अपनी दोस्त ऋतिका के साथ -

पिऊँ दूध और खाऊँ मलाई, अच्छी लगती मुझे मिठाई!
थोड़ा-थोड़ा बढ़ता जाता, हर दिन हीरो बनता जाता!


इस बार मुझे एक और नन्ही दोस्त मिली है : पंखुरी!
इसकी अदाओं के साथ-साथ इसकी बातें भी बहुत प्यारी हैं!
चलिए इन्हें और अधिक जानने के लिए इनके ब्लॉग पर चलते हैं!


एक नन्हा दोस्त भी मिला : चैतन्य!
देखते हैं कि इन्होंने अपनी पहली गणेश चतुर्थी कैसे मनाई!


यह है : स्पर्श का मनपसंद घर!


यह भी देख लीजिए कि यह चित्र चुलबुल ने किस तारीख़ को बनाया है!


हेमंत कुमार द्वारा बच्चों के लिए एक स्वर्ग की रचना भी की गई है!
लेकिन इस स्वर्ग में सबकुछ अँगरेज़ी में होता है!
इस स्वर्ग के कलाकार हैं : श्रेयस सिंह, नित्या शेफाली और नेहा शेफाली!


यह है नित्या शेफाली द्वारा बनाया एक चित्र,
जो उसकी कविता स्वीट बर्ड के साथ लगाया गया है!


श्रेयस सिंह का कुत्ता देखिए, कितना रंग-रँगीला है!


नेहा शेफाली की कविता "हाउ ब्यूटीफुल इज स्काई" भी बहुत बढ़िया है!


प्यारा दोस्त... मिलकर अच्छा लगा,
पर इसके बारे में कुछ लिखिए भी तो सही...
यह कहना है : अक्षिता पाखी का नन्ही पाखी से
उसके इस दोस्त "तनय" के लिए!


अब देखते हैं करमाटाँग समुद्र तट पर अक्षिता पाखी की मस्ती!


देखो तो, कितने मज़े ले-लेकर झूला झूल रही है!


और यह क्या कर रही है?
पेड़ पर चढ़ रही है या पूरा पेड़ ही उखाड़ डालेगी?


रंग-रूप है भूरा-काला, लगता बिल्कुल भोला-भाला!

क्या आप बता सकते हैं कि डॉ.रूपचंद्र शास्त्री मयंक नन्हे सुमन पर
अपनी कविता के माध्यम से किसके बारे में बता रहे हैं!



नन्ही परी मिलवा रही है मुंबई के गणपति बप्पा से!


और अंत में मिलिए "सरस पायस" पर मथुरा से पधारे कन्हइया से
मेरे इस गीत को गुनगुनाते हुए -

♥♥ मथुरा से आए हैं ♥♥


गोपियाँ बनाकर हम
सभी को नचाने!
मथुरा से आए हैं
बाँसुरी बजाने!

♥♥ रावेंद्रकुमार रवि ♥♥

18 टिप्‍पणियां:

AlbelaKhatri.com ने कहा…

क्या बात है.............
मन प्रसन्न हो गया.........

प्रफुल्लता यों ही खिली रहे सदैव इस मासूम के मुख पर........

Coral ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा है ... सब नन्हे ब्लोग्गेर्स की तसवीरें कितनी प्यारी हैं ....

माधव ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा है

rashmi ने कहा…

सबके बारे मे सुन कर अच्छा लगा...लेकिन कन्हैया सबसे प्यारा लगा...आपको भी शुभकामनाये.....चुलबुली.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर सरस चर्चा है!

रानीविशाल ने कहा…

क्या बात है ! रवि ममसाब ...आपने मुझे कितने सारे अच्छे अच्छे दोस्तों से मिलवा दिया . इतनी सुन्दर चर्चा के लिए बहुत भुत आभार ....सभी मित्रों से मिल कर बहुत ख़ुशी हुई .
नन्ही ब्लॉगर
अनुष्का

रानीविशाल ने कहा…

रवि ममसाब=रवि मामासाब
अनुष्का

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

अनुष्का ने मुझे "मामासाब" कहा!
--
यह जानकर मैं भी बहुत ख़ुश हूँ!

चैतन्य शर्मा ने कहा…

अरे...... मेरे कितने दोस्त एक साथ मिल गए यहाँ..... रवि अंकल मेरा सुन्दर परिचय करवाने के लिए Thanku you

राजभाषा हिंदी ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।
काव्य प्रयोजन (भाग-९) मूल्य सिद्धांत, राजभाषा हिन्दी पर, पधारें

KK Yadava ने कहा…

बच्चों की अलबेली दुनिया की सुन्दर चर्चा ..सभी को बधाई.

रंजन ने कहा…

पूरा बालजगत समेट लिया आपने.. बहुत सुन्दर.. चर्चा...

आभार\

निर्मला कपिला ने कहा…

वाह आज तो सारा ब्लाग जगत इन नन्हें मुन्नो का यहाँ है
इनके भी खूब मज़े हैं । सभी को आशीर्वाद। आपका धन्यवाद।

Pankhuri Times ने कहा…

थैंक्यू रवि अंकल , मुझे मेरे इत्ते सारे दोस्तो से मिलवाने के लिये, वरना मैं नन्ही सी बच्ची इन्हें कहाँ ढूँढ पाती? आपकी वजह से अब मैं अकेली नही हूँ.

JHAROKHA ने कहा…

रावेन्द्र जी,बहुत बढ़िया लगी आपकी यह सरस चर्चा। आपने कम शब्दों में बच्चों के हर ब्लाग की पूरी झलक दिखा दी है। शुभकामनायें।

हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar ने कहा…

सच में रावेन्द्र जी इस बार की चर्चा में कई नन्हें मुन्नों से मुलाकात करके अच्छा लगा। चिल्ड्रेन्स हेवेन को चर्चा में शामिल करने के लिये आभार।

Akshita (Pakhi) ने कहा…

कित्ती प्यारी चर्चा...हमारी बातों की, शरारतों की...रवि अंकल को ढेर सारा प्यार और आभार.

शुभम जैन ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा और इस बार तो कई नए दोस्त मिले....
शुक्रिया अंकल :)

ईशिता

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