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सोमवार, सितंबर 06, 2010

कान्हा मेरे मन का मीत : सरस चर्चा (12)

छम-छम करती नन्ही-प्यारी बहना आई है!

यह कहते हुए "सरस पायस" ने सबको
अपनी नई-नवेली बहन "रुनझुन" से मिलवाया,
जो अभी से ख़ूब मीठी-मीठी बातें करने लगी है!
चलिए, कुछ देर के लिए उसकी प्यारी-प्यारी बतियाँ सुनने के लिए चलें!


पिछले दिनों सबसे ज़्यादा धूम रही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की!
चलिए, इस सी-प्लेन पर बैठकर चलते हैं, पाखी की दुनिया में!


पाखी की दुनिया में माखन-चोर कुछ इस तरह से आए!


ज़रा देखिए तो सही, आदित्य साहू आपको क्या दिखा रहा है?
"आइए-आइए, दोस्तो! देखिए तो अनन्या दीदी को!
कितनी प्यारी लग रही हैं राधा बनकर! है ना?


साथ में किशन बना उनका दोस्त भी कितना अच्छा लग रहा है!


अब देखिए नन्ही परी इशिता की यह मोहनी मुस्कान!
मटकी फूटने पर उसने ख़ूब तालियाँ बजाईं और जी-भरकर नृत्य किया!


बाल-संसार में "बाघ" पर एक अच्छी कविता छपी है!
आइए इसे पढ़ते हैं चलकर!
यह बाघ के बारे में हमको क्या-क्या बता रही है!


कुल्लू में स्पर्श और चुलबुल ने शॉल बुनकर देखा!


शिक्षक-दिवस पर स्पर्श ने अपनी अंबिका मैम को
एक बहुत सुंदर शुभकामना-पत्र बनाकर दिया!
आप भी देखिए वे इतना प्यार उपहार पाकर कितनी ख़ुश हैं!


"मेरी इन जुल्फ़ों को अंतिम बार देख लीजिए!"
गंगा के किनारे खड़ा माधव यही कह रहा है!
पर वोवाली फ़ोटो देखने के लिए तो कुछ प्रतीक्षा करनी पड़ेगी!


राज भाटिया आपको नन्हे-मुन्ने के माध्यम से
एक बहुत बढ़िया सौगात दे रहे हैं!


लविज़ा को तो देखिए! अपने विद्यालय में
नई-नई गतिविधियों में भाग लेते हुए कितनी ख़ुश है!

Laviza @ School

अंत में पढ़िए "नन्हा मन" पर सजा मेरा एक शिशुगीत!

♥♥ आज सुना दे ♥♥

आज सुना दे मुझको कान्हा,
अपनी बाँसुरिया की धुन!


(चित्र में हैं : सरस पायस और उनकी सखी गरिमा रुबाली,
जब वे 1999 में नर्सरी में पढ़ते थे)

रावेंद्रकुमार रवि

7 टिप्‍पणियां:

राजभाषा हिंदी ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति।

हिन्दी का प्रचार राष्ट्रीयता का प्रचार है।

हिंदी और अर्थव्यवस्था, राजभाषा हिन्दी पर, पधारें

Coral ने कहा…

बहुत सुन्दर चर्चा

सैयद | Syed ने कहा…

वाह !! बहुत सुन्दर चर्चा...


.. उधर माधव जी का मुंडन हो गया.. बड़े प्यारे लग रहे हैं.. :)

मनोज कुमार ने कहा…

इन अबोध, मासूम चेहरों को द्ख कर मन प्रफुल्लित हो गया। बहुत अच्छी चर्चा। साधुवाद।

देसिल बयना-खाने को लाई नहीं, मुँह पोछने को मिठाई!, “मनोज” पर, ... रोचक, मज़ेदार,...!

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

माधव का वोवाला फ़ोटो भी देख ही लीजिए!

Roshani ने कहा…

रवि जी आज तो मन अति प्रसन्न हुआ सभी बच्चों को देखकर. और माधव जी को मैने और भी खुबसूरत अंदाज़ में आखिर देख ही लिया. आदित्य के ब्लॉग "बच्चों की दुनिया" के जिक्र के लिए आपको शुक्रिया.

Akshita (Pakhi) ने कहा…

हम बच्चों की प्यारी चर्चा...रवि अंकल को प्यार और आभार.

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