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शनिवार, जून 18, 2011

कोई युक्ति सुझाओ : डॉ. नागेश पांडेय संजय की शिशुकविता


कोई युक्ति सुझाओ

मेरे नाम अनेक, दोस्तो,
मैं छोटा-सा भोलू।
कोई मुझसे सोनू कहता,
कोई  कहता गोलू।

दादा जी कहते हैं टिंकू,
दादी कहतीं कालू।
मम्मी मुझसे लल्ला कहतीं,
पापा कहते लालू।

मेरे घर जब आता कोई,
कहता - नाम बताओ।
चुप रह जाता हूँ मैं, तुम ही
कोई युक्ति सुझाओ। 


डॉ. नागेश पांडेय संजय 
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(चित्र में हैं : आदित्य रंजन)
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11 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन रचना मगर फोटू तो हमारे लालू का है.. :)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

नागेश जी की रचना के साथ
यह फ़ोटो तो अपने सोनू का है!

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

मुझे तो यह प्यारा-प्यारा गोलू लग रहा है!

Kashvi Kaneri ने कहा…

गोलू तो बहुत प्यारा- प्यारा लगरहा है

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

अब आदि बेचारा क्या करे!
कोई भी नया नाम दे देता है!

सरस पायस : Saras Paayas ने कहा…

मैं तो इसे मन्नू कहूँगा!

Patali-The-Village ने कहा…

बेहतरीन रचना|

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर..

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

बहुत प्यारी बाल रचना...अतिसुंदर।

रंजन (Ranjan) ने कहा…

वाह... बहुत सुन्दर! लालू, गोलू, सोनू,मन्नू... :)

sudhir saxena 'sudhi' ने कहा…

अति सुंदर बाल रचना!
-'सुधि'

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